ज़िम्मेदारी (स्वैच्छिक)-28-May-2024
प्रतियोगिता हेतु
दिनांक: 28/05/2024
ज़िम्मेदारी (स्वैच्छिक)
खुश रहना सीखो यारों
करो तुम कल की तैयारी।
जो होगा वो देखा जाएगा,
खुश रहना तुम्हारी ज़िम्मेदारी।
दुखी मन से करो ना काम,
काम सही नहीं हो पाएगा।
कुछ ना कुछ बिगड़ेगा उसमें,
सही करने की लो ज़िम्मेदारी।
समय नहीं ठहरता कभी
आगे बढ़ता रहता है ये
मत करो बर्बाद वक्त को
वक्त के सही इस्तेमाल की लो ज़िम्मेदारी।।
ज़िम्मेदारियां बहुत ख़ास होती
एक बार जो लेता पूरी करनी होतीं।
ज़रा भी ना करो आलस
करो मन से पूरी सभी ज़िम्मेदारी।।
शाहाना परवीन 'शान'...✍️
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश
Gunjan Kamal
03-Jun-2024 01:34 PM
👏🏻👌🏻
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